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Tuesday, 20 October 2015

बूढ़ोँ को जवान बनाने वाली होमियोपैथिक औषधियाँ


बूढ़ोँ को जवान बनाने वाली होमियोपैथिक औषधियाँ ध्यान दे दवाये किसी योग्य होम्योपैथी डाक्टर के देखरेख मेँ लेँ 1) एवेना स्टीवा - Q ( Avena sativa - Q ) : 1. यह दवा मस्तिष्क , नाड़ी संस्थान मेँ जोश और शक्ति उत्पन्न करती है । थोड़ा काम करने पर थक जाना , नीँद न आना , याद न रहना आदि रोगोँ को दूर करती है । मानसिक परिश्रम करने वालोँ के लिए लाभप्रद है । 32 ML ₹ 35 2. ह्रदय की कमजोरी , ह्रदय अधिक धड़कना , बिना कारण क्रोध आ जाना तथा अधिक शराब पीने के कारण नीँद न आनेँ मेँ भी लाभप्रद है । 3. रात को स्वप्न मेँ या बिना स्वप्न के मूत्र - पखाना करते समय वीर्य निकल जाना , वीर्य पतला और वीर्यकीटोँ का कमजोर होना तथा मर्दाना कमजोरी मेँ बहुत लाभप्रद है । 2) जैल्सीमियम - Q ( Gelsimiun - Q ) : रात को इन्द्री मेँ जोश आकर या बिना सपने मेँ वीर्य निकल जाना , गुप्ताँग ठंडा , ढ़ीला - ढ़ाला और लटका हुआ , हस्तमैथुन के रोगियोँ के स्वप्नदोष , वीर्य प्रमेह , रोगी चिड़चिड़ा और साहसहीन हो तो 5 - 10 बूँदेँ थोड़े जल मेँ मिलाकर दिन मेँ 2 - 3 बार देँ । 32 ML ₹ 40 3) एग्नस कास्टस - Q ( Agnus castus - Q ) : जवानी की कुचेष्टाओँ , हस्तमैथुन और अधिक वीर्यनाश कर लेने के कारण रोगी जवानी मेँ बूढ़ा दिखाई दे , मानसिक शक्ति घट गई हो , वीर्य पतला और आसानी से मूत्र और पखाना के साथ या स्वप्न मेँ निकल जाये , नपुंसकता , लिँग ढ़ीला और संभोग की इच्छा न हो । सुजाक से उत्पन्न नपुंसकता की यह मुख्य औषधि है । वीर्यनाश से दृष्टी कमजोर होना , समय से पूर्व बुढ़ापा आ जाना , रोगी आत्महत्या करने का विचार करेँ और अत्यन्त दुखी हो । 5-10 बूँद जल मेँ मिलाकर दिन मेँ 2-3 बार देँ । 30 ML ₹ 35 4) स्टेफिसेग्रिया - Q ( Staphysagria - Q ) : हस्तमैथुन का रोगी जो दूसरोँ से आँख न मिलाये , हस्तमैथुन के कारण आँखेँ अंदर धसी हो और उनके नीचे काली लाईने हो , सख्त निराशावादी , दुखी , दिमाग कमजोर , कोई बात याद न रहे , थोड़ा लिखने - पढ़ने पर थकावट हो जाये , बुढ़ोँ की नपुँसकता मेँ कामवासना और संभोग की इच्छा न होना , परंतु संभोग के योग्य न होना । रोगी जिसमेँ संभोग इच्छा बिल्कुल न हो और संभोग के समय इन्द्री मेँ जोश न आये , लिँग ठंडा तथा पुराने सुजाक से उत्पन्न नपुंसकता मेँ 5 - 8 बूँदेँ पानी मेँ मिलाकर दिन मेँ 2 - 3 बार देँ । 32 ML ₹ 45 5) एसिड फास - Q ( Acid phos - Q ) : जब काफी समय तक वीर्यनाश करते रहने , स्वप्नदोष , वीर्य प्रमेह के कारण शरीर खोखला , दुबला और कमजोर हो चुका हो , टाँगोँ मेँ कमजोरी , रीढ़ की हड्डी मेँ रात को जलन और गर्मी प्रतीत हो , लिँग टेढ़ा , अंडकोष लटके हुए , इन्द्री मेँ संभोग के समय जोश न आये और इन्द्री भली प्रकार उत्तेजित न हो , स्त्री के पास जाते ही उत्तेजना आने से पहले ही वीर्य निकल जाये , अण्डकोषोँ पर च्यूंटियाँ चलती प्रतित होँ , संभोग करने पर इन्द्री शीघ्र ढीली हो जाने से रोगी संभोग न कर सके , चेहरा पीला व पिचका हुआ और आँखेँ अंदर धंसी हुई होँ , नपुंसकता , वीर्यनाश कर लेने के कारण ह्रदय अधिक धड़के , वजन गिरता जाये , भुख कम लगे , पढ़ने - लिखने और मानसिक कार्य करने पर सिरदर्द हो जाये , कमरदर्द , बाल झड़ने और बाल समय से पहले सफेद हो जायेँ , रक्ताल्पता , भोजन न पचने से दस्त आयेँ , वीर्य प्रमेह , रोगी दुखी और अकेला रहेँ । हस्तमैथुन के रोगियोँ के लिए सर्वोत्तम औषधि है । 4 - 6 बूँदेँ पानी मेँ मिलाकर दिन मेँ 2-3 बार देँ । 32 ML ₹ 35 6) डमियाना - Q( Damiana - Q ) : अधिक संभोग और वीर्यनाश करने , आतशक , सुजाक , मस्तिष्क पर चोट लग जाने या किसी भी कारण से हुई नपुंसकता मेँ अनुभूत है । रोगी की शारीरिक व मानसिक शक्ति और नाड़ी संस्थान कमजोर हो चुका हो , संभोग करते ही साँस फूल जाये , थोड़े परिश्रम से थकावट हो जाये , इन्द्री से लेसदार तरल निकलता हो । 5-7 बूँदेँ थोड़े पानी मेँ मिलाकर दिन मेँ 2-3 बार देँ । 32 ML ₹ 45 7) अश्वगन्धा - Q ( Ashwagandha - Q) : नपुंसकता तथा मर्दाना शक्ति बिल्कुल कम हो जाने से रोगी दुबला हो गया हो , मानसिक शक्ति कमजोर हो चुकी हो , पढ़ा - लिखा याद न रहता हो , कमर व टाँगोँ मेँ दर्द हो , रोगी सर्दी सहन न कर सके , बार - बार सर्दी , जुकाम हो जाये , पढ़ाई मेँ कमजोर , स्वप्नदोष हो और जवानी मेँ बुढ़ापा आ जाये तो इसके 1 - 2 मास प्रयोग करने से काया पलट जाती और नई शक्ति , जोश और जवानी आ जाती है । 5 - 10 बूँदेँ थोड़े पानी मेँ मिलाकर दिन 2 - 3 बार देँ । 32 ML ₹ 40 8) जिनसेँग - Q ( Ginseng - Q ) : बार बार संभोग करने से वीर्य स्खलन करने से आमवात जैसी दर्दे होना , पुरुषोँ के गुप्त अंगोँ की कमजोरी , मूत्रमार्ग के किनारे पर कामोत्तेजक गुदगुदी होने और लैँगिक उत्तेजना होना मेँ उपयोगी । 3-4 बूँद आधे कप पानी मेँ मि