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Wednesday, 2 November 2016

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150 ग्राम सोंठ, 200 ग्राम कालीमिर्च, 100 ग्राम पीपर, 50 ग्राम चव्य, 50 ग्राम तालीस पत्र, 25 ग्राम नाग केसर , 100 ग्राम पीपरामूल, 90 ग्राम तेज़पत्ता, 15 ग्राम छोटी इलाइची, 15 ग्राम सफेद जीरा, 15 ग्राम काला जीरा, 15 ग्राम दालचीनी, 15 ग्राम खस, 15 ग्राम अजमोद। इन सब को अलग-अलग कूट-पीसकर छानकर उपर्युक्त मात्रा में मिलाकर अपामार्ग के रस में घोंटे और छाया में सुखाकर फिर चूर्ण करके 1.5 किलो शहद में मिलाकर बोतलों या शिशो के बर्तन में रख लें। मात्रा- भोजन से आधा घंटा पूर्व 6 ग्राम प्रात:, 6 ग्राम शाम। लाभ – सभी प्रकार के बवासीर, खूनी बवासीर, पेशाब का रुकना या कम होना, ह्रदय रोग, दस्त, पेचिश, वमन की प्रवृति, सभी प्रकार के ज्वर, गले का रोग, कृमि रोग, दूर हो जाता है।