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Wednesday, 2 November 2016

BILATERAL POLYCYSTIC CHOLELITHIASIS


निम्न लक्षण हैं…….१.दोनों पैर में सूजन है दाहिने पैर में ज्यादा व पंजे में अधिक है पैर की नसों व उँगलियों में दर्द,कुल्हे तक दर्द.२.पेशाब रुक रुक कर होता है.कभी कभी पेशाब में जलन अधिक रहती है और जलन गले तक होती है.३.पीठ में दोनों तरफ दर्द रहता है.बाएँ तरफ दर्द अधिक रहता है.४.कभी कभी मतली होती है और कभी उलटी भी हो जाती है. चूंकि जब रोग पुराना हो जाता है तो पुनः स्वास्थ्य आने में समय लगता है। इसलिये चिकित्सा काल में इच्छित परिणाम मे लिये धैर्य रखें। रोगी को निम्न उपचार दें-१. शतावरी चूर्ण एक चम्मच + मुलैहठी चूर्ण एक चम्मच मिला कर एक कप दूध के साथ सुबह-शाम दें ध्यान रखिए कि दूध गर्म न करें सामान्य ताप पर ही दें।२. अविपत्तिकर चूर्ण आधा चम्मच भोजन के आधे घंटे पहले जल से दीजिए दिन में दो बार दें।३. क्षार पर्पटी एक ग्राम + सज्जीखार एक ग्राम + पुननर्वादि गुग्गुलु एक गोली को नींबू शर्बत या शहद के साथ दिन में तीन बार सुबह दोपह शाम को दीजिये(खाली पेट न दें)४. त्रिफला २ ग्राम + कुटकी एक ग्राम + मुनक्का ३ ग्राम मिला कर मुनक्के को मसल कर बनाए शर्बत के साथ दें(इस शर्बत के स्थान पर हरीतक्यादि क्वाथ दें तो बेहतर परिणाम मिलते हैं)भोजन में अधिकतम दूध रोटी या दूध चावल का सेवन हितकर है। नमक, तेल, मिर्च, अचार, दही,कुल्थी की दाल,मसूर आदि जैसे गर्म और भारी भोजन का त्याग करें। मांसाहार(अंडे भी) पूरी तरह सख्ती से बंद कर दें यह रोगी के लिए विष के समान है। फलों में पके केले, अनार, नारियल, मोसम्बी, आंवला दे सकते हैं; लौकी, परवल, करेला, कद्दू की सब्जी दीजिये किन्तु ध्यान रहे कि ये सब मसालेदार न हो। सब्जी में देसी घी और जीरे का छौंक दे सकते हैं।